!! करसोग ! ममलेश्वर महादेव के दर लगने वाली है भक्तों की चहल-पहल ! !!

अंतिम अपडेट 18-Feb-2020 07:15:38 am

पियूष शर्मा करसोग

 करसोग ! ममलेश्वर महादेव के दर लगने वाली है भक्तों की चहल-पहल शिवरात्रि पर्व के लिए है खास इंतजाम देवों के देव ममलेश्वर महादेव का दरबार करसोग में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर पूरी तरह सज कर तैयार है। करसोग के ऐतिहासिक शक्तिपीठ मंदिर ममलेश्वर में महाशिवरात्रि का आयोजन 21 फरवरी प्रातः से लेकर 22 फरवरी तक किया जा रहा है। दोपहर बाद यज्ञ भंडारा का आयोजन होगा। इसको लेकर तैयारियां
लगभग पूरी कर ली गई हैं। शिवरात्रि पर्व को लेकर मंदिर कमेटी ममलेश्वर महादेव की विशेष बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मंदिर कमेटी अध्यक्ष हंस राज शर्मा द्वारा की गई। इस अवसर पर सभी सदस्यों ने भाग लेते हुए निर्णय लिया कि शिव नगरी ममेल में शिवरात्रि का आयोजन इस वर्ष भी धूमधाम व पूजा-अर्चना सहित किया जाएगा। मंदिर कमेटी अध्यक्ष हंस राज शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिवरात्रि का त्योहार मंडी जिला तथा करसोग क्षेत्र में बेहद महत्त्वपूर्ण माना जाता है व हजारों साल प्राचीन ममेलश्वर मंदिर में शिवरात्रि के आयोजन को लेकर खास तैयारियां भी की जाती हैं। इसमें 21 फरवरी प्रातः से शिवरात्रि की पूजा-अर्चना शुरू हो जाएगी। इसमें रात्रि 11 से 12 बजे तक कथा का आयोजन होगा व उसके बाद भोले नाथ के पूरे मंदिर में पूजा अर्चना सहित कोठी में भी पूजा की जाएगी। उन्होंने बताया कि चौदह फरवरी को सभी के सहयोग से मंदिर ममलेश्वर महादेव में यज्ञ भंडारा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हजारों लोग शिव प्रसाद ग्रहण करेंगे। मंदिर कमेटी अध्यक्ष हंस राज शर्मा ने कहा कि महाशिवरात्रि के अवसर पर देवों के देव ममलेश्वर महादेव में चार पहर की पूजा की जाती है, जिसमें 11 से 12 बजे तक कथा, तीन से चार बजे तक भोर के समय काली कोट स्थान पर मां काली की पूजा होती है। इस दौरान प्राचीन परंपरा के अनुसार मंदिर में चंदो, कुप्पू आदि को प्रौढ़ में लगाया जाता है व उसके बाद शिव नगरी ममेल के पूरे गांव में इसी परंपरा को पूरा किया जाता है। पूरे गांव में एक साथ जती गाई जाती है। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि का आयोजन 21 फरवरी को शुरू होगा जो 22 फरवरी को पूजा-अर्चना सहित संपन्न होगा। उल्लेखनीय है कि करसोग के ममलेश्वर महादेव मंदिर में आलौकिक  शिव परिवार की प्रतिमा स्थापित है। कहा जाता है कि करसोग के ममलेश्वर महादेव मंदिर में लंका पति रावण द्वारा शिव परिवार की मूर्ति बनबा कर पूजा-अर्चना सहित स्थापित करवाई गई थी व ममलेश्वर महादेव का वर्णन इतिहास के पन्नों पर भी दर्ज है। मंदिर में अखंड धूना सदियों से दिन-रात बिना रुके चला हुआ है, मंदिर में प्राचीन काल से लगभग 100 ग्राम गंदम का दाना भी मौजूद है। ऐसा गंदम का दाना भी विश्व में किसी दूसरे स्थान पर नहीं है। हंस राज शर्मा ने कहा कि 19 फरवरी से शिवरात्रि पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए मंदिर को पूजा-अर्चना सहित सजाया जा रहा है व उस दिन हजारों श्रद्धालु शिव के दर्शन करते हुए पुण्य कमाएंगे।


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